Tuesday, 8 April 2014

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एक ऐसा पन्ना जहां आपको हर तरह की जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी। पासपोर्ट के लिए अप्लाइ करना हो या बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना हो या क्रेडिट कार्ड के फ्रॉड की शिकायत करनी हो, हर जानकारी का सोर्स है यहां। आपको साइट-दर-साइट भटकने की या सर्च करने की ज़रूरत नहीं है। हम आपको सही जगह पर ले जाकर सही सूचना दिलाने का काम करेंगे। यह लिस्ट दिन-ब-दिन बढ़ती रहेगी। अगर आपको जो जानकारी चाहिए, उस सर्विस का लिंक इस लिस्ट में नहीं है तो हमे बताएं, हम उसका पता करेंगे और इसे अपडेट करेंगे।


आड़े वक्त में काम आने वाले नंबर


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विभिन्न राज्यों की पुलिस वेबसाइट

Thursday, 3 April 2014

आदमी हर काम फटाफट करना चाहता है

एक आदमी को किसी ने सुझाव दिया कि दूर से पानी लाते हो, क्यों नहीं अपने घर के पास एक कुआं खोद लेते? हमेशा के लिए पानी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। सलाह मानकर उस आदमी ने कुआं खोदना शुरू किया। लेकिन सात-आठ फीट खोदने के बाद उसे पानी तो क्या, गीली मिट्टी का भी चिह्न नहीं मिला। उसने वह जगह छोड़कर दूसरी जगह खुदाई शुरू की। लेकिन दस फीट खोदने के बाद भी उसमें पानी नहीं निकला। उसने तीसरी जगह कुआं खोदा, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। इस क्रम में उसने आठ-दस फीट के दस कुएं खोद डाले, पानी नहीं मिला। वह निराश होकर उस आदमी के पास गया, जिसने कुआं खोदने की सलाह दी थी।
उसे बताया कि मैंने दस कुएं खोद डाले, पानी एक में भी नहीं निकला। उस व्यक्ति को आश्चर्य हुआ। वह स्वयं चलकरउस स्थान पर आया, जहां उसने दस गड्ढे खोद रखे थे। उनकी गहराई देखकर वह समझ गया। बोला, 'दस कुआं खोदने की बजाए एक कुएं में ही तुम अपना सारा परिश्रम और पुरूषार्थ लगाते तो पानी कबका मिल गया होता। तुम सब गड्ढों को बंद कर दो, केवल एक को गहरा करते जाओ, पानी निकल आएगा।'
कहने का मतलब यही कि आज की स्थिति यही है। आदमी हर काम फटाफट करना चाहता है। किसी के पास धैर्य नहीं है। इसी तरह पचासों योजनाएं एक साथ चलाता है और पूरी एक भी नहीं हो पाती।

यह तेरा दिल समझता है

कोई दीवाना कहता हैं कोई पागल समझता है 

मगर धरती कि बेचैनी को बस बादल समझता है 


मैं तुझसे दूर कैसा हु ,तू मुझसे दूर कैसी है 


यह तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है

बहुत मगरूर हो तुम भी

बहुत मगरूर हो तुम भी , बहुत मगरूर है हम भी !

बहुत मशहूर हो तुम भी , बहुत मशहूर है हम भी !

स्वयं से दूर हो तुम भी , स्वयं से दूर है हम भी !

अतः मजबूर हो तुम भी , अतः मजबूर है हम भी !

जो होगा वो होकर रहेगा

गुजरी हुई जिंदगी को
कभी याद न कर,

तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फर्याद न कर...

जो होगा वो होकर रहेगा,

तु कलकी फिकर मे
अपनी आज की हसी बर्बाद न कर..

Sunday, 9 February 2014

Janha se apne na dikhe wo......

Janha yad na aye wo tanhai kis kam ki, Bigde rishte na bane to khudai kis kam ki, Beshak apni manzil tak jana hai, Par janha se apne na dikhe wo uchai kis kaam ki…

Maar denge ye rajniti karne wale

Aaye hai shama me aag lagane, Aapki najaro me sach ki aas jagane, Jara sambhal kar chalo duniya ki sarak par, Warna maar denge ye rajniti karne wale,